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अंतरमन में युद्ध चलते है ! स्वयं ही जल में तपते है !! शब्दो की सीमा से बंधे! किंचित लक्ष्य से सधे !! प्रश्नों की अविरल नदी ! उत्तर से भयभीत यदि !! अपेक्षाओं से खीची लकीरे ! उपेक्षाओ से बंधी जंजीरे !! मुग्ध आत्मचिंतन में ! अटकी गाठ बंधन में !! कसोटी पर दे कर परीक्षा ! संतो से प्राप्त लेकर दीक्षा !! तुम हो आत्म संदेह से लक्षित ! तुम हो आत्म विश्वास से रक्षित !! अंतरमन में विचार पलते है ! स्वयं ही स्वयं में खपते है !! ✍राजेश चोयल
मिट्टी का घर टूट गया। बाढ़ो से, जाड़ो से, ऊँची दहाड़ो से, मिट्टी का घर टूट गया। लगती पग -पग निराशा वाली दीमक। चिंताओं से सड़ता बुनियादी चट्टान।। आकांक्षा रूपी बोझ तले दबा घर सारा। अंतरमन दुःख से सिकुड़कर गिरता गारा ।। मिट्टी का घर टूट गया। गिरते हारकर आँसू धसती घर की दिवारे। बाहर झांको दुनिया तो टूटते दरवाजे खिड़किया।। मिट्टी का घर टूट गया। हार गए तुम अब, आवाजो से गूंजता घर। स्वयं विरूद्ध उठ रही आँधिया कंपकपाता घर ।। चुप्पी साधे मन, दीवारों की दरार बढ़ाती है। गिरा आत्मविश्वास का टुकड़ा, हवा मिट्टी उड़ाती है।। देखो मिट्टी का घर टूट गया। पर अब फिर से घर बनेगा । तो जमाना इसे सृजन कहेगा ।। आत्मविश्वास रूपी चट्टानो की बुनियाद होगी। आशाओं से भरी चिनाई होगी ।। बहता पानी चंचल सा मन होगा। उत्साह उमंग से गुथा गारा होगा।। देखो मिट्टी का घर बन गया।
उठो युवाओं ललकार दो, कहो सरकार से रोजगार दो कहा जाता है युवा देश के भविष्य है क्यूंकि देश के भविष्य की जिम्मेदारी उन्हीं है के कंधो पर होती है, लेकिन जब युवाओं के ही भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा तो उस देश का भविष्य क्या होगा? देश आज बहुत सारी समस्याओं से गुजर रहा है लेकिन फ़िलहाल बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है और उपर से कोरोना जैसी महामारी, हालांकि इसका सक्षम परिवारों पर कोई असर नहीं देखने को मिल रहा, जिनको बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दे दिखाई ही नहीं देते जो सिर्फ धर्म जाति की राजनीति तक सीमित रह गए, फ़र्क तो उस इंसान या परिवार को पड़ रहा है जो दैनिक मज़दूरी करके अपना घर चलाते है अपना परिवार पाल रहे है। और इसी बात से जोड़कर आज के मुद्दे पर कहना चाहूंगा मेरे वो दोस्त जो इन हालातो से गुजर रहे है जिन्हे उनके माता - पिता ने कहीं मजदूरी करके तो कहीं कर्ज करके पढ़ाया ताकि कल को उनका बच्चा पढ़कर लिखकर अच्छी नौकरी करेगा अच्छी इज्जत कमाएगा घर की दशा और दिशा दोनों बदल जाएगी, और वो बच्चा इन हालातो में पढ़ भी रहा, लेकिन सवाल कब तक? अर्जुन को...
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