अभियंता दिवस
अभियंता दिवस की शुभकामनाए।
हम जोड़ते है कभी बसाते , नये घरानों को ।
हम बनाते है कभी देते , आवाज नए सपनो को ।।
सोच नही थकती है, अभी दिखाते इस जमाने को।
पाँव नही डगमगाते राहो पर, तभी रोजाना बदलते पैमानों को।।
रुकता नही समय का चक्र, वहा रोक देते बड़े तुफानो को ।
जहा उड़ नही पाता पक्षी, वहा पंख देते बेगानो को।।
सत्यता की बुनियाद पर, नित नव इमारते खड़ी करते है।
धरती आसमान कर एक , राहे जो बड़ी करते है।।
देखो इतिहास हम ही नल और नील दोनों भाई, जिसने राम सेतु बनाया।
हम वही तो है ब्रह्म , जिसने सारा संसार बनाया।।
आदि अनादि काल से, सृजन करते विश्वकर्मा है।
हम ही आज अभियंता एम. विश्वेश्वरैया, सतीश धवन , और डॉ.कलाम है।।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें